About

फ़िल्मों की यादों को बुढ़ापे के लिए जमा कर के रखने की एक जगह. और फिल्म से मिले प्रसाद को सबमें घुमाने की भी.

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6 thoughts on “About

  1. काम की बात करो तो लोग कमी निकालने लगते है बेकार की बातों में अकसर वाह वाही मिलती हैं, ,,,,,,

  2. फटी हुई चीजों को सिलने का रिवाज इतिहास से भी ज्यादा पुराना है ।।।। और इस बात को हम भारतीयो से बेहतर कौन समझता है। कहीं की। चीज को कही भी फिट करना हम बखूबी जानते हैं. . . ये वो कला है जो हमे विरासत में मिलती है ।।।।।
    अफवाहों के बाजार में एक दिन विस्फोट हो गया लोगों के तो दिल दहल गये अफवाहें बे फिक्र होकर माहौल के मजे ले रही थी ।।।।इस बात की खबर भी उनहें अखबार से मिली ।।।ये पढते ही उनकी फट गयी ।।।।।।

  3. Love your writing Varun. All the lyrics are very soulful, thoughts put so well together. Amazing stuff…
    Please do more stand up gigs too as your content is pretty cool.

  4. Dear varun.. i am a big fan. I am a scriptwriter and have written a trur gangwar film based on eastern UP. Wanted ur opinion on it. Pls gv ur email or i can meet u. Thks abhishek 9871737827

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